ब्रेकिंग न्यूज़
Edit Template
  • Home
  • /
  • ट्रेंडिंग
  • /
  • Trump मुनीर को लंच खिलाते रह गए, इधर रूस दे रहा भारत को बड़ा तोहफ

Trump मुनीर को लंच खिलाते रह गए, इधर रूस दे रहा भारत को बड़ा तोहफ

एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात रूस के रक्षा मंत्री के साथ भी हुई। इस मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। जिसकी जानकारी अब सामने आई है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस तरह की भारत ने तैयारी की थी। किस तरह से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन को चारों खाने चित कर दिए उसके परिपेक्ष में बात आगे बढ़ाई गई और भारत व रूस ने आने वाले दिनों में डिफेंस प्रोडक्शन प्लान को लेकर एक लंबी बातचीत की है।

भारत और रूस के बीच रणनीतिक रक्षा सहयोग को लेकर एक और अहम चर्चा हुई है। इस दौरान भारत ने रूस से दो और एस 400 यूनिट खरीदने का प्रस्ताव रखा। ये फैसला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस 400 की सफलता तैनाती के बाद लिया गया, जिससे बॉर्डर पर बढ़ते हुए तनाव के बीच भारत की तैयारियों को और ताकत देगा। एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात रूस के रक्षा मंत्री के साथ भी हुई। इस मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। जिसकी जानकारी अब सामने आई है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस तरह की भारत ने तैयारी की थी। किस तरह से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन को चारों खाने चित कर दिए उसके परिपेक्ष में बात आगे बढ़ाई गई और भारत व रूस ने आने वाले दिनों में डिफेंस प्रोडक्शन प्लान को लेकर एक लंबी बातचीत की है।

अतिरिक्त एस-400 इकाइयों के लिए विचार भारत के स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एलआरएसएएम) कार्यक्रम, प्रोजेक्ट कुशा में देरी से भी उपजा है। इस परियोजना को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। हालाँकि, इसकी पूर्ण तैनाती में समय लगेगा, जिसके लिए एक अंतरिम समाधान की आवश्यकता है। 

भारत ने ज़्यादा उन्नत S-500 सिस्टम हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई है, जो S-400 से भी ज़्यादा रेंज और क्षमताएं प्रदान करता है। हालाँकि, इस तरह के सौदे के लिए रूसी नेतृत्व से उच्च-स्तरीय मंज़ूरी की आवश्यकता होगी, जो अभी तक नहीं मिली है। भारत ने 2018 में पाँच S-400 रेजिमेंट की खरीद के लिए रूस के साथ 5.43 बिलियन अमरीकी डॉलर का समझौता किया था। अब तक, तीन रेजिमेंट को महत्वपूर्ण रणनीतिक मोर्चों पर पहुँचाया और तैनात किया जा चुका है – पाकिस्तान की ओर वाला पश्चिमी मोर्चा और चीन की सीमा से लगा उत्तरी मोर्चा। 

अन्य न्यूज़

Trending

Best Camping Shoes

Best Camping Shoes

Best Camping Shoes

Edit Template
  • Home
  • /
  • ट्रेंडिंग
  • /
  • Trump मुनीर को लंच खिलाते रह गए, इधर रूस दे रहा भारत को बड़ा तोहफ

Trump मुनीर को लंच खिलाते रह गए, इधर रूस दे रहा भारत को बड़ा तोहफ

एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात रूस के रक्षा मंत्री के साथ भी हुई। इस मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। जिसकी जानकारी अब सामने आई है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस तरह की भारत ने तैयारी की थी। किस तरह से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन को चारों खाने चित कर दिए उसके परिपेक्ष में बात आगे बढ़ाई गई और भारत व रूस ने आने वाले दिनों में डिफेंस प्रोडक्शन प्लान को लेकर एक लंबी बातचीत की है।

भारत और रूस के बीच रणनीतिक रक्षा सहयोग को लेकर एक और अहम चर्चा हुई है। इस दौरान भारत ने रूस से दो और एस 400 यूनिट खरीदने का प्रस्ताव रखा। ये फैसला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस 400 की सफलता तैनाती के बाद लिया गया, जिससे बॉर्डर पर बढ़ते हुए तनाव के बीच भारत की तैयारियों को और ताकत देगा। एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात रूस के रक्षा मंत्री के साथ भी हुई। इस मुलाकात के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। जिसकी जानकारी अब सामने आई है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस तरह की भारत ने तैयारी की थी। किस तरह से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन को चारों खाने चित कर दिए उसके परिपेक्ष में बात आगे बढ़ाई गई और भारत व रूस ने आने वाले दिनों में डिफेंस प्रोडक्शन प्लान को लेकर एक लंबी बातचीत की है।

अतिरिक्त एस-400 इकाइयों के लिए विचार भारत के स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एलआरएसएएम) कार्यक्रम, प्रोजेक्ट कुशा में देरी से भी उपजा है। इस परियोजना को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। हालाँकि, इसकी पूर्ण तैनाती में समय लगेगा, जिसके लिए एक अंतरिम समाधान की आवश्यकता है। 

भारत ने ज़्यादा उन्नत S-500 सिस्टम हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई है, जो S-400 से भी ज़्यादा रेंज और क्षमताएं प्रदान करता है। हालाँकि, इस तरह के सौदे के लिए रूसी नेतृत्व से उच्च-स्तरीय मंज़ूरी की आवश्यकता होगी, जो अभी तक नहीं मिली है। भारत ने 2018 में पाँच S-400 रेजिमेंट की खरीद के लिए रूस के साथ 5.43 बिलियन अमरीकी डॉलर का समझौता किया था। अब तक, तीन रेजिमेंट को महत्वपूर्ण रणनीतिक मोर्चों पर पहुँचाया और तैनात किया जा चुका है – पाकिस्तान की ओर वाला पश्चिमी मोर्चा और चीन की सीमा से लगा उत्तरी मोर्चा। 

अन्य न्यूज़
Edit Template

Trending

Best Camping Shoes

Best Camping Shoes

Best Camping Shoes

Edit Template

© 2025 India Khabarnama News. All Rights Reserved.